"मैं इक चाँद सा चेहरा उदास कर बैठा,
मुझसे बड़ा बदबख़्त (दुर...
Ummah Post
8 May, 2025

"मैं इक चाँद सा चेहरा उदास कर बैठा,

मुझसे बड़ा बदबख़्त (दुर्भाग्यशाली) न होगा कोई।"

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पांच व्यापक तफ़सीरें (पांच जामे तफ़ासिर)
लेख

पांच व्यापक तफ़सीरें (पांच जामे तफ़ासिर)

शेख़-उल-हदीस हज़रत मौलाना मोहम्मद तक़ी उस्मानी साहब (दामत बरकातुहुम) अपनी मशहूर तस्नीफ़ "उलूम-उल-क़ुरआन" में लिखते हैं: "यह पांच तफ़सीरें (यानी तफ़सीर-ए-कबीर, तफ़सीर इब्न कसीर, तफ़सीर-ए-क़ुर्तुबी, तफ़सीर रूह-उल-मआनी और तफ़सीर-ए-कश्शाफ़) अहक़र (इस नाचीज़) के मामूली ज़ौक़ के मुताबिक ऐसी हैं कि अगर...