"अस्सलामू अलैकुम जनाब एडमिन साहब! उम्मीद है आप बखैरियत (सकुशल) होंगे। आजकल रसाएल (पत्रिकाएं) बहुत कम आ रही हैं; कारईन (पाठक) मुंतज़िर (इंतज़ार में) हैं, खास तौर पर रिज़वान पालनपूरी 😄😄😄😄😄"
Ummah Post
"अस्सलामू अलैकुम जनाब एडमिन साहब! उम्मीद है आप बखैरियत (सकुशल) होंगे। आजकल रसाएल (पत्रिकाएं) बहुत कम आ रही हैं; कारईन (पाठक) मुंतज़िर (इंतज़ार में) हैं, खास तौर पर रिज़वान पालनपूरी 😄😄😄😄😄"