"अस्सलामू अलैकुम जनाब एडमिन साहब! उम्मीद है आप बखैरियत (सकुश...
Ummah Post
3 June, 2025

"अस्सलामू अलैकुम जनाब एडमिन साहब! उम्मीद है आप बखैरियत (सकुशल) होंगे। आजकल रसाएल (पत्रिकाएं) बहुत कम आ रही हैं; कारईन (पाठक) मुंतज़िर (इंतज़ार में) हैं, खास तौर पर रिज़वान पालनपूरी 😄😄😄😄😄"

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भविष्य में लोग तरावीह में क्या पढ़ेंगे?
लेख

भविष्य में लोग तरावीह में क्या पढ़ेंगे?

मुअतसिम बिल्लाह के बाद उनका बेटा वासिक़ बिल्लाह 227 हिजरी में राजसिंहासन (ताज-ओ-तख़्त) का वारिस बना। वह गुमराह करने वाले विचारों और अक़ीदों का मालिक था और मोतज़ली (Mu'tazilite) अक़ीदों, विशेष रूप से 'ख़ल्क़-ए-क़ुरआन' (क़ुरआन के मख़्लूक़ होने) के अक़ीदे के प्रचार-प्रसार में अपने बाप से भी आगे बढ़ गया...