"करते हो तमन्ना मौत की!!
क्या हिसाब-किताब आसान लगता है!!
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Ummah Post
8 June, 2025

"करते हो तमन्ना मौत की!!

क्या हिसाब-किताब आसान लगता है!!

जन्नत, जहन्नम, आख़िरत!!

क्या तुम्हें यह सब मज़ाक लगता है!!"

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हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) का एक वाक़या और पिता के मित्रों का सम्मान
लेख

हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) का एक वाक़या और पिता के मित्रों का सम्मान

हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) एक बार सफ़र पर जा रहे थे, ग़ालिबन (शायद) हज या उमरे का सफ़र था। साहिबे-हैसियत (धनी) अरबों की आदत के मुताबिक़, आप सफ़र पर जाते हुए सवारी के ऊँट के साथ एक खच्चर नुमा गधा भी ले गए (अरबों के गधे हमारे यहाँ के गधों की तरह नहीं होते, बल्कि हमारे यहाँ के खच्चर...