दूसरों को नुकसान पहुँचाए बिना,
उन्हें बदनाम किए बिना,
उनसे...
Ummah Post
9 June, 2025

दूसरों को नुकसान पहुँचाए बिना,

उन्हें बदनाम किए बिना,

उनसे हसद (ईर्ष्या) किए बिना,

उनसे उलझे बिना,

> उनसे आगे निकल जाने का हुनर सीखिए।

*‏وَمِن شَرِِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ•`*

और जब किसी जलने वाले का हौसला/हसद मुझे नुकसान पहुँचाने आए,

तो ऐ अल्लाह, मुझे अपनी पनाह (सुरक्षा) में रखना। आमीन या रब्बल आलमीन।

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शेख अबू हाज़िम की हक़-गोई और सुलेमान बिन अब्दुल मलिक का रो पड़ना
लेख

शेख अबू हाज़िम की हक़-गोई और सुलेमान बिन अब्दुल मलिक का रो पड़ना

सुलेमान बिन अब्दुल मलिक, जो बनू उमय्या का बादशाह था, ने एक मर्तबा शैख़-उल-हदीस अबू हाज़िम (रहमतुल्लाह अलैह) से दरयाफ़्त (पूछा) किया कि इसकी क्या वजह है कि हम लोग दुनिया को पसंद और आख़िरत को नापसंद करते हैं? आपने बरजस्ता (तुरंत) जवाब दिया, "क्योंकि तुम लोगों ने अपनी दुनिया को आबाद किया और अपनी आख़िरत को...