लफ़्ज़ तासीर (असर) से बनते हैं, तलफ़्फ़ुज़ (उच्चारण) से नहीं...
Ummah Post
25 June, 2025

लफ़्ज़ तासीर (असर) से बनते हैं, तलफ़्फ़ुज़ (उच्चारण) से नहीं;

अहल-ए-दिल (दिल वाले) आज भी हैं अहल-ए-ज़बाँ (भाषा के जानकारों) से आगे।

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हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) की अदालत का एक वाक़िया / औलाद के अधिकार
लेख

हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) की अदालत का एक वाक़िया / औलाद के अधिकार

हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) के दरबार (अदालत) में एक बाप ने अपने बेटे पर दावा (मुक़दमा) किया कि यह मेरे हुक़ूक़ (अधिकार) अदा नहीं करता! हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने लड़के से दरयाफ़्त (पूछताछ) किया, तो उसने कहा, "ऐ अमीरुल मोमिनीन! क्या बाप ही का सारा हक़ औलाद पर है या औलाद का भी बाप पर कुछ हक़ ह...