*सिलसिला मुस्तनद रिवायत 29* 
आशूरा यानी दस मुहर्रम को अपने...
Ummah Post
3 July, 2025

*सिलसिला मुस्तनद रिवायत 29*

आशूरा यानी दस मुहर्रम को अपने अहल-ओ-अयाल (परिवार) पर नान-नफ़क़ा (खर्च) वगैरह में वुसअत (उदारता) करने की फ़ज़ीलत!

✍️... बंदा मुबीन उर रहमान

जामियातुल अबरार, मस्जिद अख्तर, गुलबर्ग ब्लॉक 11, कराची

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हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) की अदालत का एक वाक़िया / औलाद के अधिकार
लेख

हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) की अदालत का एक वाक़िया / औलाद के अधिकार

हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) के दरबार (अदालत) में एक बाप ने अपने बेटे पर दावा (मुक़दमा) किया कि यह मेरे हुक़ूक़ (अधिकार) अदा नहीं करता! हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने लड़के से दरयाफ़्त (पूछताछ) किया, तो उसने कहा, "ऐ अमीरुल मोमिनीन! क्या बाप ही का सारा हक़ औलाद पर है या औलाद का भी बाप पर कुछ हक़ ह...