‎*❂_ दो कान हैं एक से सुन कर दूसरे से निकाल सकते हैं मगर दिल...
Ummah Post
19 July, 2025

‎*❂_ दो कान हैं एक से सुन कर दूसरे से निकाल सकते हैं मगर दिल एक ही है जो बातें दिल को लग जाएं वो ताउम्र नहीं निकलती _,*

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हम तो सुनार थे, लोगों ने हमें लोहार समझ लिया
लेख

हम तो सुनार थे, लोगों ने हमें लोहार समझ लिया

एक बार मैं शेख हज़रत मौलाना मसीहउल्लाह ख़ान साहब रहमतुल्लाह अलैह के पास बैठा हुआ था और उस समय वहां और कोई नहीं था, केवल मैं था। इसी बीच एक आदमी आया और हज़रत से तावीज़ मांगने लगा। हज़रत ने कहा कि मैं तावीज़ नहीं दिया करता। जाओ भाई जान से ले लो! (भाई जान से मुराद हज़रत के साहबज़ादे हैं, जिन्हें छात्र...