अस्सलामू अलैकुम व रहमतुल्लाही व बरकातहू। तमाम पाठक (कारईन) इ...
Ummah Post
20 July, 2025

अस्सलामू अलैकुम व रहमतुल्लाही व बरकातहू। तमाम पाठक (कारईन) इस नए महदवी फ़ितने की तरफ़ तवज्जो दें, इससे पहले कि यह फ़ितना भी शकील बिन हनीफ़ की तरह फैल जाए और फिर कोई हल न निकल सके।

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झूठी उम्मीद और अधूरे वादे का घातक अंजाम
लेख

झूठी उम्मीद और अधूरे वादे का घातक अंजाम

एक आदमी कई रातें सख्त सर्दी में आराम से सोता रहा। एक दिन किसी राहगीर ने गुजरते हुए उससे कहा: "मैं तुम्हें एक गर्म रज़ाई लाकर दूंगा"!! वह राहगीर अपनी मंज़िल को चला गया और रज़ाई लाने का वादा भूल गया, बूढ़ा आदमी उसका इंतज़ार करते हुए सर्दी से मर गया। लोगों को उसकी लाश के पास एक लिखा हुआ पर्चा (नोट)...