चुनांचे मैं आपको एक अजीब और इब्रतनाक (सबक आमोज़) हिकायत (क़िस्सा) सुनाता हूँ जो मैंने मौलाना फ़तह मोहम्मद साहब रहमतुल्लाह अलैह से सुनी थी। मौलाना फ़रमाते हैं कि शेख़ दहान (तेल के व्यापारी) जो मक्का मुकर्रमा के एक बड़े आलिम थे, उन्होंने फ़रमाया कि मक्का मुकर्रमा में एक आलिम का इंतक़ाल हुआ और उनको दफ़...