*"ऐ अल्लाह! मैं तुझसे उस गुनाह के लिए माफी चाहता हूँ जिससे म...
Ummah Post
24 July, 2025

*"ऐ अल्लाह! मैं तुझसे उस गुनाह के लिए माफी चाहता हूँ जिससे मैंने तौबा की लेकिन फिर उसका दोबारा इर्तकांब किया। और उस नेकी के लिए जिसका मैंने खुद से वादा किया लेकिन उस पर कायम न रह सका। और उस अमल के लिए जिसे मैंने सोचा था कि सिर्फ तेरे लिए करूँगा, लेकिन मेरी नियत में वह कुछ शामिल हो गया जो तू जानता है।"*

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नौकरी और बिज़नेस में अंतर: मैनेजर और समोसे वाले की सीख देने वाली कहानी
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नौकरी और बिज़नेस में अंतर: मैनेजर और समोसे वाले की सीख देने वाली कहानी

एक बड़ी कंपनी के गेट के सामने एक मशहूर समोसे की दुकान थी। लंच टाइम में अक्सर कंपनी के कर्मचारी वहाँ आकर समोसे खाया करते थे। एक दिन कंपनी का एक मैनेजर, समोसे खाते-खाते समोसे वाले से मज़ाक के मूड में आ गया। मैनेजर साहब ने समोसे वाले से कहा: "यार शाहिद! अपनी दुकान तुमने बहुत अच्छी तरह से सेट की है, ल...