"हाय इंसान! यह है तेरी ज़िंदगी की कहानी...

दौलत कमाने के...
Ummah Post
20 August, 2025

"हाय इंसान! यह है तेरी ज़िंदगी की कहानी...

दौलत कमाने के लिए अपनी सेहत खो देता है, फिर सेहत को वापस पाने के लिए अपनी दौलत खो देता है...🥺

भविष्य (मुस्तक़बिल) का सोचकर अपना वर्तमान (हाल) ज़ाया कर देता है, फिर भविष्य में अपने अतीत (माज़ी) को याद करके रोता है...😭

जीता ऐसे है जैसे कभी मरेगा ही नहीं, और मर ऐसे जाता है जैसे कभी जिया ही नहीं...💯"

Share this article
'रहमान' और 'रहीम' नाम के उपयोग के शरई अहकाम
लेख

'रहमान' और 'रहीम' नाम के उपयोग के शरई अहकाम

"रहमान" शब्द का प्रयोग अल्लाह तआला के अलावा किसी और के लिए करना जायज़ नहीं है, बल्कि हराम है। अगर कोई व्यक्ति किसी इंसान को "रहमान" कहे तो यह शिर्क है, क्योंकि अल्लाह तबारक व तआला के अलावा कोई भी ऐसा नहीं हो सकता जिसकी रहमत (दया) इतनी विशाल हो। इसलिए किसी और को रहमान या अर-रहमान कहना जायज़ नहीं है।...