"वह कहता था, 'मैं तुम्हारी खामोशी पढ़ना चाहता हूँ।'

मैंने...
Ummah Post
21 August, 2025

"वह कहता था, 'मैं तुम्हारी खामोशी पढ़ना चाहता हूँ।'

मैंने भी मैसेज करके डिलीट कर दिया, अब पढ़ते रहो खामोशियां! 😒😒

अब मैसेज करके पूछ रहा है, 'क्या डिलीट किया?' 😅😂"

Share this article
फ़ितना-ए-क़ादियानियत का पस-मंज़र (संक्षेप में)
लेख

फ़ितना-ए-क़ादियानियत का पस-मंज़र (संक्षेप में)

उपमहाद्वीप (पाक-ओ-हिंद) में जब अंग्रेज़ अपने ज़ुल्म-ओ-सितम और ज़्यादतियों के बावजूद मुसलमानों को मग़लूब (परास्त) न कर सका, तो उसने एक कमीशन के ज़रिए इसकी वजह मालूम करने के लिए पूरे हिंदुस्तान का सर्वे कराया। कमिशन ने यह रिपोर्ट पेश की कि मुसलमानों को मग़लूब करने के लिए उनके दिलों से जज़्बा-ए-जिहाद (...