दुरूद-ए-पाक की दौलत नसीब हर दिल को हो,
यही है राह-ए-नजात (म...
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दुरूद-ए-पाक की दौलत नसीब हर दिल को हो,

यही है राह-ए-नजात (मुक्ति का मार्ग), यह फ़ज़्ल-ए-रब (रब की कृपा) की अता है।

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खौफ-ए-इलाही (अल्लाह का डर) भी मारिफत (पहचान) का नतीजा है!!
लेख

खौफ-ए-इलाही (अल्लाह का डर) भी मारिफत (पहचान) का नतीजा है!!

इमाम जलालुद्दीन रूमी (रह.) ने लिखा है कि एक आदमी सफर पर निकला। वह एक जंगल में चलता रहा और बहुत दूर चलने के बाद उसे भारी थकान महसूस हुई, जिसके कारण उस पर नींद हावी हो गई। उसने सोचा कि कहीं आराम कर ले; लेकिन सिर्फ इसलिए हिम्मत नहीं हुई क्योंकि वह जंगल का रास्ता था। उसने सोचा, "जंगल के रास्ते में भला क...