उलेमा-ए-देवबंद का शजरा-ए-नसब (ज्ञान की शृंखला)
मौलाना क़ासिम नानौतवी (रह.) ने दारुल उलूम देवबंद की बुनियाद रखी।
मौलाना क़ासिम नानौतवी (रह.) ने इल्म हासिल किया:
शाह इसहाक़ (रह.) से
शाह इसहाक़ (रह.) ने:
शाह अब्दुल ग़नी (रह.) से
शाह अब्दुल ग़नी (रह.) ने:
शाह अब्दुल अज़ीज़ (रह.) से
शाह अब्दुल अज़ीज़ (रह.) ने:
शाह वलीउल्लाह (रह.) से
शाह वलीउल्लाह (रह.) ने:
शैख़ अबू ताहिर मदनी (रह.) से
शैख़ अबू ताहिर मदनी (रह.) ने:
अल्लामा मुहम्मद बिन अहमद (रह.) से
मुहम्मद बिन अहमद (रह.) ने:
शैख़ रबी इब्न सबीह (रह.) से
रबी इब्न सबीह (रह.) ने:
शैख़ हुसामुद्दीन (रह.) से
हुसामुद्दीन (रह.) ने:
मुहम्मद बिन आरिफ़ (रह.) से
मुहम्मद बिन आरिफ़ (रह.) ने:
दो वास्तों (माध्यमों) से इमाम अबू ईसा तिर्मिज़ी (रह.) से
अबू ईसा तिर्मिज़ी (रह.) ने:
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मुबारक (रह.) से
इब्न मुबारक (रह.) ने:
इमाम अबू हनीफ़ा (रह.) से
इमाम अबू हनीफ़ा (रह.) ने:
हज़रत हम्माद (रह.) से
हज़रत हम्माद (रह.) ने:
अनस इब्न मालिक (रज़ि.) से
अनस बिन मालिक (रज़ि.) ने:
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) से
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) ने:
हज़रत मुहम्मद रसुलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से।
अकाबरीन-ए-देवबंद ने दुनिया में इस्लाम का परचम लहराया है...
उलेमा-ए-देवबंद हमारे इमाम (मार्गदर्शक) हैं, चाहे वे किसी भी तंज़ीम (संगठन) से तअल्लुक़ रखते हों।
ख़त्म-ए-नबुव्वत, सियासत, डिफ़ा-ए-अज़मत-ए-सहबा (रज़ि.), डिफ़ा-ए-फ़िक़्ह, तब्लीग़, दर्स व तदरीस (शिक्षण) और जिहाद फ़ी सबीलील्लाह; इन तमाम शोबों (क्षेत्रों) से तअल्लुक़ रखने वाले तमाम उलेमा-ए-किराम देवबंद के सर के ताज हैं, लिहाज़ा हमारे इमाम हैं।
अल्लाह तआला यह निस्बत हमेशा क़ायम व दाइम रखे। आमीन। 🤲🏻❣️🌹