(मित्रता का वास्तविक स्थान हमें क़ुरआन ने सिखाया है...)
कि नेक लोगों की दोस्ती के अलावा हर दोस्ती क़यामत के दिन दुश्मनी में बदल जाएगी... 💔
इसी तरह हसन बसरी (रह.) का क़ौल (कथन) है: 🌸
'तुम ज़्यादा से ज़्यादा मोमिन (आस्थावान) दोस्त बनाओ, क्योंकि वे क़यामत के दिन (तुम्हारी) सिफ़ारिश करेंगे।'" 🕊️