रसूल-ए-मुज्तबा कहिए, मोहम्मद मुस्तफ़ा कहिए,
ख़ुदा के बाद बस...
Ummah Post
21 October, 2025

रसूल-ए-मुज्तबा कहिए, मोहम्मद मुस्तफ़ा कहिए,

ख़ुदा के बाद बस वो हैं, फिर उसके बाद क्या कहिए!

शरीअत का है ये इसरार, ख़ातमुल-अम्बिया कहिए,

मोहब्बत का तक़ाज़ा है कि महबूब-ए-ख़ुदा कहिए!

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