*इस्लामी अक़ीदे — ईमान की मज़बूत बुनियाद* 
इस्लामी अक़ीदे (...
Ummah Post
22 March, 2026

*इस्लामी अक़ीदे — ईमान की मज़बूत बुनियाद*

इस्लामी अक़ीदे (विश्वास) दीन की असास (आधार) हैं, दुरुस्त अक़ीदा ईमान को मज़बूत, फ़िक्र को सीधा और अमल को संवारता है। आज के फ़ितनों भरे माहौल में मुस्तनद (प्रामाणिक) अक़ीदों की सादा और मुनज़्ज़म (व्यवस्थित) तालीम वक़्त की अहम ज़रूरत है।

*यह ऑनलाइन कोर्स आम फ़हम (सरल) अंदाज़ में अक़ाइद-ए-इस्लामिया पेश करता है, ताकि हर तालेब-ए-इल्म (विद्यार्थी) अपने ईमान पर एतमाद (भरोसे) के साथ क़ायम रह सके। मज़ीद (अधिक) मालूमात और दाख़िले के लिए राब्ता (संपर्क) करें:* 👇🏻

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हज़रत थानवी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं:
लेख

हज़रत थानवी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं:

मुदर्रिसीन (शिक्षकों) को चाहिए कि हर तालिब-ए-इल्म (छात्र) को पूरा अरबी पढ़ाना ज़रूरी न समझें, जिसके अंदर मुनासबत (योग्यता) देखें, और फ़हम-ए-सलीम (सही समझ) पाएँ, उसको सब किताबें पढ़ा दें, और जिसको मुनासबत न हो, या फ़हम-ए-सलीम न हो, उसको बक़द्रे-ज़रूरत (ज़रूरत के मुताबिक़) मसाइल पढ़ा कर कह दें कि जाओ...