*इस्लामी अक़ीदे — ईमान की मज़बूत बुनियाद* 
इस्लामी अक़ीदे (...
Ummah Post
9 April, 2026

*इस्लामी अक़ीदे — ईमान की मज़बूत बुनियाद*

इस्लामी अक़ीदे (विश्वास) दीन की असास (आधार) हैं, दुरुस्त अक़ीदा ईमान को मज़बूत, फ़िक्र को सीधा और अमल को संवारता है। आज के फ़ितनों भरे माहौल में मुस्तनद (प्रामाणिक) अक़ीदों की सादा और मुनज़्ज़म (व्यवस्थित) तालीम वक़्त की अहम ज़रूरत है।

*यह ऑनलाइन कोर्स आम फ़हम (सरल) अंदाज़ में अक़ाइद-ए-इस्लामिया पेश करता है, ताकि हर तालिब-ए-इल्म (विद्यार्थी) अपने ईमान पर एतमाद (भरोसे) के साथ क़ायम रह सके। मज़ीद (अधिक) मालूमात और दाख़िले के लिए राब्ता (संपर्क) करें:* 👇🏻

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हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) की अदालत का एक वाक़िया / औलाद के अधिकार
लेख

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हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) के दरबार (अदालत) में एक बाप ने अपने बेटे पर दावा (मुक़दमा) किया कि यह मेरे हुक़ूक़ (अधिकार) अदा नहीं करता! हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने लड़के से दरयाफ़्त (पूछताछ) किया, तो उसने कहा, "ऐ अमीरुल मोमिनीन! क्या बाप ही का सारा हक़ औलाद पर है या औलाद का भी बाप पर कुछ हक़ ह...