मनुष्य जल्दबाज़ी में है और वह धैर्यवान नहीं है। यदि उसने धैर...
Ummah Post
9 September, 2026

मनुष्य जल्दबाज़ी में है और वह धैर्यवान नहीं है। यदि उसने धैर्य रखा होता, तो छुटकारा (मुक्ति) उसके पैरों की बेड़ी बन चुका होता।

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इमाम ज़ैनुल आबिदीन की गुप्त सेवा – इख़्लास (निःस्वार्थता) की एक बेमिसाल मिसाल
लेख

इमाम ज़ैनुल आबिदीन की गुप्त सेवा – इख़्लास (निःस्वार्थता) की एक बेमिसाल मिसाल

इमाम ज़ैनुल आबिदीन (रहमतुल्लाही अलैहि) को अल्लाह तआला ने बहुत ख़ूबसूरत जिस्म अता किया था। जब उनकी वफ़ात (मृत्यु) हुई और ग़स्साल (शव नहलाने वाला) उन्हें नहलाने लगा, तो उसने देखा कि उनके कंधे के ऊपर एक काला निशान है। उसे समझ नहीं आया कि यह काला निशान क्यों है? अहले-ख़ाना (परिवार वालों) से पूछा गया तो...