इस्लामी तारीख (इतिहास)
किस्त नंबर 6
हज़रत आदम अलैहिस्सलाम का दुनिया में आना
हज़रत आदम अलैहिस्सलाम जन्नत में तनहा (अकेले) रहते हुए बेचैनी महसूस करने लगे, तो तसल्ली के लिए अल्लाह तआला ने उनकी बाईं पसली से हज़रत हव्वा अलैहिस्सलाम को पैदा किया और दोनों को हुक्म दिया कि इस दरख़्त (पेड़) के अलावा, जन्नत की तमाम नेमतों का इस्तेमाल करो। शैतान ने वसवसा (भ्रम) डालकर बहकाया कि इस दरख़्त की ख़ासियत यह है कि इसका फल खाने के बाद तुम हमेशा जन्नत में रहोगे, चुनाँचे शैतान के धोखे में आकर उन्होंने उस दरख़्त का फल खा लिया, अल्लाह तआला ने इस ग़लती की वजह से जन्नत का लिबास उतार कर दोनों को दुनिया में भेज दिया। हज़रत आदम अलैहिस्सलाम अपनी ग़लती पर बहुत शर्मिंदा हुए और एक मुद्दत (लंबे समय) तक तौबा व अस्तग़फ़ार (क्षमा याचना) करते हुए अल्लाह के सामने रोते रहे, फिर अल्लाह तआला ने उनकी तौबा क़बूल फ़रमाई। इसके बाद दुनिया में हज़रत आदम अलैहिस्सलाम और हज़रत हव्वा अलैहिस्सलाम ही से नस्ल-ए-इंसानी (मानव जाति) का सिलसिला शुरू हुआ।