"आदम के बेटे (इंसान) पर सबसे अजीब नेमतों में से एक भूल जाने...
Ummah Post
23 October, 2024

"आदम के बेटे (इंसान) पर सबसे अजीब नेमतों में से एक भूल जाने की नेमत भी है। क्योंकि अगर भूलने की प्रक्रिया (अमल) न होती, तो इंसान किसी (तकलीफ, ग़म) को न भूल पाता, न ही उसकी हसरत कभी ख़त्म होती, न किसी मुसीबत पर उसे सब्र आता, न उसका ग़म मरता, और न उसकी नफ़रत और ग़ुस्सा कभी ख़त्म होता। न ही वह दुनिया की किसी भी चीज़ से लुत्फ़ अन्दोज़ (आनंदित) हो पाता क्योंकि वह हर समय आफतों (मुसीबतों) की याद में खोया रहता।"

~ इमाम इब्न अल-क़य्यिम (रहमतुल्लाह अलैहि)

मनक़ूल (नक़ल किया गया)

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शासक हो तो ऐसा! मदायन के गवर्नर हज़रत सलमान फ़ारसी की बेमिसाल सादगी
लेख

शासक हो तो ऐसा! मदायन के गवर्नर हज़रत सलमान फ़ारसी की बेमिसाल सादगी

हज़रत सलमान फ़ारसी (रज़ि.) एक बहुत महान सहाबी (पैगंबर के साथी) थे। सभी सहाबा इकराम में उन्होंने सबसे लंबी उम्र पाई थी। वह सभी लोगों की सेवा करते थे और बहुत ही सादा जीवन व्यतीत करते थे। हज़रत उमर (रज़ि.) ने अपने शासनकाल के दौरान उन्हें मदायन शहर का गवर्नर बना दिया था; लेकिन हज़रत सलमान फ़ारसी की सादग...