मुझे लगता है....  
इंसान को अपनी भागती-दौड़ती ज़िंदगी में ए...
Ummah Post
9 November, 2024

मुझे लगता है....

इंसान को अपनी भागती-दौड़ती ज़िंदगी में एक-दो ऐसे लोगों का साथ ज़रूर रखना चाहिए...

जो अचानक उसे सरसरी सा हिला कर पूछ सकें...

"दोस्त...

ईमान के क्या हालात हैं? 💦

नमाज़ों में कोताही (लापरवाही) तो नहीं हो रही?"

और इंसान उन्हें खुल कर बता सके,

"हाँ... हो रही है।" 🥀

और वे

जवाब में थोड़ी सी मोटिवेशन (प्रेरणा) दे दें,

"हिम्मत कर.... जन्नत में साथ नहीं जाना क्या?" 💦

अल्लाह तआला आपको और मुझे ऐसे नेक लोगों का साथ दे। आमीन। ♥️

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खौफ-ए-इलाही (अल्लाह का डर) भी मारिफत (पहचान) का नतीजा है!!
लेख

खौफ-ए-इलाही (अल्लाह का डर) भी मारिफत (पहचान) का नतीजा है!!

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