*✍🏻❞अच्छे अख़्लाक़ (व्यवहार) के हकदार सबसे पहले माँ-बाप हैं। अगर आप माँ-बाप के साथ अच्छे नहीं हैं, तो बाकी जिसके साथ मर्जी नेकियाँ करते फिरें, कोई फ़ायदा नहीं।❝*
किसी ने एक बादशाह को तोहफ़े में शाहीन (बाज़) के दो बच्चे पेश किए। बादशाह ने दोनों को अपने शाहीनों के प्रशिक्षकों (ट्रेनर्स) के सुपुर्द कर दिया ताकि वे उन दोनों को ट्रेनिंग दें कि वे शिकार पर ले जाए जा सकें।
एक महीने के बाद वह मुलाज़िम (कर्मचारी) बादशाह के पास हाज़िर हुआ और कहा कि एक शाहीन तो मुकम...