एक कारोबारी बंदे ने ख़्वाब (सपने) में देखा कि कुछ लोग उसकी प...
Ummah Post
10 November, 2024

एक कारोबारी बंदे ने ख़्वाब (सपने) में देखा कि कुछ लोग उसकी पिटाई कर रहे हैं, वह दो दिन बैंक ही नहीं गया...

क्योंकि बैंक के बाहर बोर्ड लगा हुआ था कि:

"हम आपके ख़्वाब को हक़ीक़त में बदलते हैं!" 🤧😂

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युवा पीढ़ी की तरबियत: शरीयत बनाम सामाजिक परंपराएँ
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युवा पीढ़ी की तरबियत: शरीयत बनाम सामाजिक परंपराएँ

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