"आज की जनरेशन (पीढ़ी) बेहद नाशुक्रगुज़ार है; माँ-बाप रोज़ाना...
Ummah Post
11 November, 2024

"आज की जनरेशन (पीढ़ी) बेहद नाशुक्रगुज़ार है; माँ-बाप रोज़ाना 50 या 100 रुपये भी दे दें, तब भी कहते हैं कि बहुत कम हैं! 🥺😭😬

और एक हम थे बेचारे, जो पूरे रास्ते ज़मीन पर नज़रें टिका कर चलते थे कि कहीं से बस एक रुपया ही मिल जाए तो हमारी तो पार्टी हो जाएगी! 😝🙈🙊🤣🤣🤣😂"

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चौधरी साहब का त्याग और धार्मिक विद्वानों से प्रेम
लेख

चौधरी साहब का त्याग और धार्मिक विद्वानों से प्रेम

...मदरसा के छात्रों के लिए एक चौधरी साल भर का गेहूं मदरसा के लिए वक्फ (दान) करता था। किसी शरारती (द्वेषी) शख्स ने मौलाना साहब के बारे में दुश्मनी और नफरत का इजहार ऐसा किया कि पता मालूम करते-करते चौधरी के घर पहुंच गया और कहने लगा: "चौधरी साहब! मदरसे जाकर पता तो करें कि छात्रों के नाम पर क्या खियान...