"आज की जनरेशन (पीढ़ी) बेहद नाशुक्रगुज़ार है; माँ-बाप रोज़ाना 50 या 100 रुपये भी दे दें, तब भी कहते हैं कि बहुत कम हैं! 🥺😭😬
और एक हम थे बेचारे, जो पूरे रास्ते ज़मीन पर नज़रें टिका कर चलते थे कि कहीं से बस एक रुपया ही मिल जाए तो हमारी तो पार्टी हो जाएगी! 😝🙈🙊🤣🤣🤣😂"