"मुझे तो यह सोच कर हँसी आ रही है...

कि कंप्यूटर और मोबाइल...
Ummah Post
12 November, 2024

"मुझे तो यह सोच कर हँसी आ रही है...

कि कंप्यूटर और मोबाइल

इंसान का टाइम (समय) बचाने के लिए इजाद (आविष्कार) किए गए थे।" 😂📱⏳

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अहंकार का बुरा अंत
लेख

अहंकार का बुरा अंत

यज़ीद बिन मलिक एक उमय्यद खलीफा थे, वह नए खलीफा थे जो उमर बिन अब्दुल अज़ीज़ के बाद आए थे। एक दिन वह कहने लगे, "कौन कहता है कि बादशाहों को खुशियाँ नसीब नहीं होतीं...? मैं आज का दिन खुशी के साथ गुज़ार कर दिखाऊँगा, अब मैं देखता हूँ कि कौन मुझे रोकता है...?" उनसे कहा गया, "आजकल बगावत हो रही है, यह हो...