"जब तक कहानी अपनी न हो... हर इंसान ही दानिशवर (बुद्धिजीवी) औ...
Ummah Post
13 November, 2024

"जब तक कहानी अपनी न हो... हर इंसान ही दानिशवर (बुद्धिजीवी) और हकीम (दार्शनिक) है...!!!"

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आख़िरत की छतरी
लेख

आख़िरत की छतरी

एक दफ़ा क्रिकेट मैच के दौरान जब अचानक बारिश शुरू हुई तो स्टेडियम में मौजूद हर शख़्स ने अपनी छतरी खोलकर सर पर रख ली थी। जब उस वक़्त कैमरा तमाशाइयों (दर्शकों) के स्टैंड पर गया तो रंग-बिरंगी छतरियों का एक हसीन मंज़र तैयार हो चुका था, शायद ही कोई ऐसा शख़्स हो जिसने छतरी न ली हो या बारिश की बरसाती (रेनको...