:) क्या सादा ज़माना था कि एक ब्रैकेट और दो बिंदु : ) लगाकर म...
Ummah Post
14 November, 2024

:) क्या सादा ज़माना था कि एक ब्रैकेट और दो बिंदु : ) लगाकर मुस्कुरा लेते थे,

अब तो इमोजीस ने ऐसी मुसीबत डाल दी है कि मुस्कुराना भी पंद्रह किस्म का हो गया है।

🤓😄😁😆😂😅🤣🙃🙂☺️😊😍🤩🥰🙃

और हालात की सितम-ज़रीफ़ी (विडंबना) देखें कि शर्माने का इज़हार करने के लिए सिर्फ

🙈🙈🙈 "बंदर" उपलब्ध है। 😂

*🤓🤓 अनोखी मुस्कुराहट 🤓🤓*

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दो तरह की औरतें और कुरानी रहनुमाई
लेख

दो तरह की औरतें और कुरानी रहनुमाई

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