:) क्या सादा ज़माना था कि एक ब्रैकेट और दो बिंदु : ) लगाकर मुस्कुरा लेते थे,
अब तो इमोजीस ने ऐसी मुसीबत डाल दी है कि मुस्कुराना भी पंद्रह किस्म का हो गया है।
🤓😄😁😆😂😅🤣🙃🙂☺️😊😍🤩🥰🙃
और हालात की सितम-ज़रीफ़ी (विडंबना) देखें कि शर्माने का इज़हार करने के लिए सिर्फ
🙈🙈🙈 "बंदर" उपलब्ध है। 😂
*🤓🤓 अनोखी मुस्कुराहट 🤓🤓*