पुरुष के केवल पैदा होने की खुशी मनाई जाती है, बाकी उसकी पूरी...
Ummah Post
17 November, 2024

पुरुष के केवल पैदा होने की खुशी मनाई जाती है, बाकी उसकी पूरी जिंदगी औरत की सेवा (ज़िम्मेदारियों) में गुज़र जाती है।

चाहे वह मां का ख्याल रखना हो, बहन का दहेज हो, पत्नी के खर्चे हों या फिर बेटी की परवरिश।😌

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एक मामूली वाक़या, एक अज़ीम (बड़ा) सबक़
लेख

एक मामूली वाक़या, एक अज़ीम (बड़ा) सबक़

लंदन में एक इमाम साहब रहते थे। रोज़ाना घर से मस्जिद जाने के लिए बस पर सवार होकर दूर मस्जिद तक जाना उनका नियम था। लंदन में तय समय और एक ही रूट पर बसों में सफर करते हुए कई बार ऐसा हुआ कि बस भी वही होती थी और बस का ड्राइवर भी वही होता था। एक बार ये इमाम साहब बस पर सवार हुए, ड्राइवर को किराया दिया और बा...