लोगों के साथ ऐसे पेश आओ जैसे कोई किताब पढ़ रहे हो…!!

मुना...
Ummah Post
19 November, 2024

लोगों के साथ ऐसे पेश आओ जैसे कोई किताब पढ़ रहे हो…!!

मुनाफ़िक़ (पाखंडी) को नज़रअंदाज़ कर दो,

बुरे (पन्ने) को फाड़ दो…

और सबसे ख़ूबसूरत पर रुक जाओ।

इंसान भी किताबों की तरह होते हैं,

कुछ लोग सिर्फ़ कवर (मुखपृष्ठ) से धोखा देते हैं,

जबकि कुछ की आंतरिक सामग्री (अंदरूनी मवाद) हैरान करने वाली होती है

भले ही उनका कवर बिल्कुल साधारण सा लगता हो।

पहली नज़र में प्रभावित न हो,

वक़्त हर चीज़ का फ़ैसला कर देता है…!!

ज़िंदगी की किताब को ग़ौर से पढ़ो,

हर पन्ना एक नया सबक़ (पाठ) सिखाता है…

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एक बोर्ड और दो वाक्य:
लेख

एक बोर्ड और दो वाक्य:

एक अंधा आदमी एक इमारत के पास बैठा था और पास में एक बोर्ड रखा था जिस पर लिखा था, "मैं अंधा हूँ, कृपया मेरी मदद करें।" साथ में उसकी टोपी पड़ी हुई थी जिसमें कुछ सिक्के थे। एक आदमी वहाँ से गुज़र रहा था। उसने अपनी जेब से कुछ सिक्के निकाले और टोपी में डाल दिए। अचानक उसकी नज़र बोर्ड पर पड़ी। उसने बोर्ड...