ग़ैर-महरम से कभी हंसकर बात न करो।
हमेशा अपना रवैया सख्त रखो...
Ummah Post
20 November, 2024

ग़ैर-महरम से कभी हंसकर बात न करो।

हमेशा अपना रवैया सख्त रखो।

तुम्हारा नर्म लहजा पता नहीं उसके दिल में क्या वसवसे (शंकाएं/बुरे विचार) पैदा कर दे, जो दोनों के लिए हलाकत (विनाश) है। •🍂

*जवानी की हिफ़ाज़त, जन्नत की ज़मानत है।*

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हलाल कमाई की अहमियत और मौलाना क़ासिम नानौतवी की आजिज़ी (विनम्रता)
लेख

हलाल कमाई की अहमियत और मौलाना क़ासिम नानौतवी की आजिज़ी (विनम्रता)

हज़रत मौलाना मुहम्मद क़ासिम साहब नानौतवी (रहमतुल्लाही अलैहि) का मुज़फ़्फ़रनगर में एक थानेदार मुअतक़िद (भक्त/प्रशंसक) था। एक दिन उसने हज़रत मौलाना नानौतवी की दावत की। मौलाना ने देखा था कि थानेदार की कमाई मुश्तबा (संदिग्ध) और मशकूक है, इस वजह से उसकी दावत को नामंज़ूर फ़रमा दिया। थानेदार ने दावत क़ब...