जब अल्लाह की मर्जी के बिना इस कायनात का एक पत्ता भी नहीं हिल...
Ummah Post
20 November, 2024

जब अल्लाह की मर्जी के बिना इस कायनात का एक पत्ता भी नहीं हिल सकता... 🌸🥀

तो फिर तुम्हारा अल्लाह से बार-बार रुजू करना (उसकी तरफ रुख करना), उससे मांगना बेवजह नहीं है... 🌒🦋

जो तुम्हारे हाथों में इतनी जान डाल देता है कि वो दुआ के लिए उठ सकें, वो फिर इन उठे हाथों की लाज भी रखता है। 😌

*حَسْبِیَ اﷲُ لَآ اِلٰہَ الَّا ھُوَ عَلَیہِ تَوَکَّلْت ُ وَھُوَ رَبُّ الْعَرْشِ العَظِیْمِ۔* 🪐

"मुझे अल्लाह ही काफी है। उसके सिवा कोई माबूद (पूज्य) नहीं, मैंने उसी पर भरोसा किया और वही अर्श-ए-अज़ीम (महान सिंहासन) का मालिक है।" 🌻

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वहदत-ए-दीन न कि वहदत-ए-अदयान (दीन की एकता, न कि धर्मों की एकता)
लेख

वहदत-ए-दीन न कि वहदत-ए-अदयान (दीन की एकता, न कि धर्मों की एकता)

🖋 मौलाना ख़ालिद सैफ़ुल्लाह रहमानी - शम्अ-ए-फ़रोज़ां 🕯 अल्लाह तआला ने हर चीज़ के लिए एक रास्ता बनाया है, इसी रास्ते से उस चीज़ को हासिल करने में इंसान की भलाई है और इस रास्ते को छोड़ देने में और अपनी तरफ़ से नए रास्ते बनाने में इंसान की बर्बादी है। अल्लाह तआला ने ग़िज़ा (भोजन) को पेट तक पहुँचान...