*पति: बेगम साहिबा, अपनी चालीस साला शादीशुदा ज़िंदगी में आज प...
Ummah Post
20 November, 2024

*पति: बेगम साहिबा, अपनी चालीस साला शादीशुदा ज़िंदगी में आज पहली बार तुमने इतनी बेहतरीन चाय बनाई है कि बयान नहीं कर सकता... 🤗*

*पत्नी: आए हाय, मेरी तो अक्ल ही मारी गई थी! 🤦🏼‍♀️*

*मैंने ग़लती से अपनी प्याली आपको दे दी.... 😂😂😂*

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चौधरी साहब का त्याग और धार्मिक विद्वानों से प्रेम
लेख

चौधरी साहब का त्याग और धार्मिक विद्वानों से प्रेम

...मदरसा के छात्रों के लिए एक चौधरी साल भर का गेहूं मदरसा के लिए वक्फ (दान) करता था। किसी शरारती (द्वेषी) शख्स ने मौलाना साहब के बारे में दुश्मनी और नफरत का इजहार ऐसा किया कि पता मालूम करते-करते चौधरी के घर पहुंच गया और कहने लगा: "चौधरी साहब! मदरसे जाकर पता तो करें कि छात्रों के नाम पर क्या खियान...