"मोहब्बत" और "दोस्ती"
यह दो चीज़ें हर तूफ़ान का मुक़ाबला कर सकती हैं मगर एक चीज़ इन दोनों के टुकड़े-टुकड़े कर सकती है और वह है;
"ग़लतफ़हमी" 🍂🤎
"मोहब्बत" और "दोस्ती"
यह दो चीज़ें हर तूफ़ान का मुक़ाबला कर सकती हैं मगर एक चीज़ इन दोनों के टुकड़े-टुकड़े कर सकती है और वह है;
"ग़लतफ़हमी" 🍂🤎