*सर्दियां फिर से आ गई हैं*
*न शादी हुई न ही मंगनी हुई*
*फि...
Ummah Post
25 November, 2024

*सर्दियां फिर से आ गई हैं*

*न शादी हुई न ही मंगनी हुई*

*फिर वही तन्हाई और वही फूलों वाली रजाई ؏* 😂😢 😂

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हज़रत हुसैन (रज़ियल्लाहु अन्हु) और एक देहाती के बीच एक सबक़आमोज़ बातचीत
लेख

हज़रत हुसैन (रज़ियल्लाहु अन्हु) और एक देहाती के बीच एक सबक़आमोज़ बातचीत

एक देहाती (गांववासी) हज़रत हुसैन बिन अली (रज़ियल्लाहु अन्हु) के पास गया, उनको सलाम किया और उनसे अपनी ज़रूरत (हाजत) पूरी करने का सवाल किया। उसने कहा, "मैंने आपके नाना (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से सुना है, उन्होंने फ़रमाया कि जब तुम किसी से अपनी ज़रूरत का सवाल करो, तो वह चार (सिफ़तों वाले आदमियों) में...