आज बड़े दिनों बाद बाबा जी से मुलाकात हुई, सोचा कोई अनमोल बात ही पूछ ली जाए।
मैंने कहा, "बाबा जी, मौका किसे कहते हैं?"
बाबा जी पहले तो मुस्कुराए, फिर पीले-पीले दांत निकाल कर हंसते हुए बोले:
"बेटा, जब मच्छर बीवी के गाल पर बैठा हो।" 😄😄😄😄😄😄
*😜 बज़्म-ए-कुंवारे (कुंवारों की महफ़िल) 😜*