हमारे बचपन की वो अफ़वाहें, जो आज भी हमें याद आती हैं। 😉😉 तो फिर चलें, मिलकर वो अफ़वाहें, वो यादें ताज़ा करते हैं। जैसे कि:
पेंसिल के कचरे (छिलके) को दराज में रखने से तितली बन जाती है। 😂😂
तरबूज (या किसी फल) का बीज खा लिया तो पेट में पेड़ उग आएगा। 😂😂
सब्जियों के इतने फायदे गिनाए जाते थे जो खुद सब्जियों को भी पता नहीं होंगे। 😂😂
चांद पर बुढ़िया चरखा चला रही है। 😁😁
चांदनी रात में परियां आएंगी। 😂😂
चारपाई पर चप्पल समेत बैठ जाने से सांप आ जाता है। 😂😂
टूटा हुआ दांत घर की छत पर फेंक कर यह कहने से कि: "चिड़िया चिड़िया पुराना दांत ले जा और नया दे जा" नया दांत मिल जाता है। 😁😁
टीचर की कुर्सी पर बैठोगे तो फेल हो जाओगे। 😂😂😜
पतीली में खाना खाने से शादी में बारिश होती है। 😂😂
कैंची को खाली चलाने से घर में लड़ाई होती है। 😂😂
"आल्तो जलाल तू, आई बला को टाल तू" बोलने से टीचर नहीं मारेंगी। 😂😂
नमक गिरते ही पानी बहाओ वरना कयामत के दिन पलकों से उठाना पड़ेगा। 😂😂
मगरिब (सूर्यास्त) से पहले अपने-अपने घरों को चले जाओ क्योंकि मगरिब के बाद सर-कटा (बिना सिर का भूत) निकलता है और वो बच्चों को मार देता है। 😂😂
पेंसिल के कचरे को दूध में पकाने से इरेज़र (रबर) बनती है। 😂😂
हमारा स्कूल कब्रिस्तान पर बना हुआ है। 😂
"झूठ बोलोगे, तो ज़ुबान काली हो जाएगी।" 😂😂
हालांकि जाहिर तौर पर यह भी एक झूठ था। 😂😂
मछली खाने के बाद पानी मत पीना वरना वो पेट में तैरेगी। 😂😂
कोई आपके ऊपर से लांघ (कूद) जाए तो आपका कद छोटा रह जाएगा। 😂😂
और अब इसमें आप और इजाफा (बढ़ोतरी) कर दें।
#जानां🦋