ख़लील बिन अहमद रहमतुल्लाह अलैह से पूछा गया: "ज़ुहद (वैराग्य/...
Ummah Post
4 December, 2024

ख़लील बिन अहमद रहमतुल्लाह अलैह से पूछा गया: "ज़ुहद (वैराग्य/संतोष) क्या है?"

उन्होंने फ़रमाया: "जब तक मौजूद (जो पास है) का जायज़ा न ले ले, नामौजूद (जो पास नहीं है) की तलब (इच्छा) न रखे!"

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हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक
लेख

हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक

हज़रत हुसैन बिन अली (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) फ़रमाते हैं कि मैंने अब्बा जान सैयदुना अली (रज़ियल्लाहु अन्हु) से पूछा कि हुज़ूर ﷺ अपने हम-नशीनों (साथियों) के साथ कैसे रहते थे? आपने फ़रमाया: "आप ﷺ ख़ंदा-रू (हँसमुख), ख़ुश-अख़लाक़ (अच्छे आचरण वाले) और नर्म-ख़ू (नर्म स्वभाव के) थे। बद-अख़लाक़ी, सख़्त-मिज़ाजी...