*उर्दू की खूबसूरती देखिए*         
*सुबह-सुबह लखनऊ फोन पर ए...
Ummah Post
16 December, 2024

*उर्दू की खूबसूरती देखिए*

*सुबह-सुबह लखनऊ फोन पर एक दोस्त से पूछा, क्या कर रहे हो प्यारे ?*

*बोला: अभी मैं बड़ी शिद्दत से इज़्ज़त व अज़मत (मान-सम्मान) की डोर को बेपनाह उलझनों की गिरफ़्त से आज़ाद करने की कशमकश में मुब्तला (व्यस्त) हूँ।*

*मैंने कहा: समझा नहीं.😕*

*बोला: पाजामे के नाड़े में गांठ पड़ गई है वही खोल रहा हूँ।*

😂😅😄😆🤣😃😜😄😆😅

*लतीफ़ों की दुनिया 😊*

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एक बोर्ड और दो वाक्य:
लेख

एक बोर्ड और दो वाक्य:

एक अंधा आदमी एक इमारत के पास बैठा था और पास में एक बोर्ड रखा था जिस पर लिखा था, "मैं अंधा हूँ, कृपया मेरी मदद करें।" साथ में उसकी टोपी पड़ी हुई थी जिसमें कुछ सिक्के थे। एक आदमी वहाँ से गुज़र रहा था। उसने अपनी जेब से कुछ सिक्के निकाले और टोपी में डाल दिए। अचानक उसकी नज़र बोर्ड पर पड़ी। उसने बोर्ड...