क्या आप जानते हैं कि अगर आप एक बर्तन में 100 काली चींटियाँ और 100 लाल चींटियाँ डाल दें तो कुछ नहीं होगा..?
लेकिन अगर आप बर्तन को ज़ोर से हिलाते हैं तो चींटियाँ एक-दूसरे को मारना शुरू कर देती हैं।
लाल चींटियाँ काली चींटियों को अपना दुश्मन समझती हैं और काली चींटियाँ लाल चींटियों को अपना दुश्मन समझती हैं।
असली दुश्मन वह है जो बर्तन को हिलाए।
आजकल हमारे समाज में भी ऐसा ही होता है। इसलिए एक-दूसरे पर हमला करने से पहले सोचना चाहिए कि बर्तन कौन हिला रहा है!
एक-दूसरे पर हमला करने से पहले निशानदेही (पहचान) ज़रूर करें।