✍ अहल-ए-दिल (धर्मपरायण लोगों) को तड़पा देने वाले अश्आर (शेर)...
Ummah Post
13 January, 2025

✍ अहल-ए-दिल (धर्मपरायण लोगों) को तड़पा देने वाले अश्आर (शेर)!

रह के दुनिया में बशर (मनुष्य) को नहीं ज़ेबा (उचित) ग़फ़लत,

मौत का ध्यान भी लाज़िम (अनिवार्य) है कि हर आन (पल) रहे।

जो बशर आता है दुनिया में ये कहती है क़ज़ा (मौत/भाग्य),

मैं भी पीछे चली आती हूँ ज़रा ध्यान रहे।

(यह अश्आर हज़रत हकीमुल उम्मत हज़रत थानवी ؒ की ख़ानक़ाह में लिखे हुए थे)

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हज़रत इब्राहिम बिन अदहम (रह.) की छह बहुमूल्य नसीहतें
लेख

हज़रत इब्राहिम बिन अदहम (रह.) की छह बहुमूल्य नसीहतें

एक व्यक्ति आपके पास आया और अर्ज़ किया कि कुछ नसीहत फ़रमाइए। आपने फ़रमाया, "छह (6) बातें बताता हूँ, उन पर अमल करो, फिर कुछ भी करोगे तो नुक़सान न पहुँचेगा।" आपने उन छह बातों की व्याख्या इस तरह की: 1. जब गुनाह करो तो उसकी (अल्लाह पाक की) नेमत मत खाओ। दुनिया में जो कुछ भी है, वह उसी की नेमत है; क्या...