*दुनिया के रंग अच्छे लगने लग जाएँ तो समझ लो आख़िरत फीकी पड़ रह...
Ummah Post
18 March, 2025

*दुनिया के रंग अच्छे लगने लग जाएँ तो समझ लो आख़िरत फीकी पड़ रही है जहाँ हम सिर्फ़ आख़िरत की तैयारी करने आए हुए हैं।*

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ऐसी नमाज़ अब कौन पढ़ेगा?
लेख

ऐसी नमाज़ अब कौन पढ़ेगा?

बयान किया जाता है कि एसाम बिन यूसुफ, हज़रत हातिम असम्म रहमतुल्लाह अलैह की मजलिस में आए और उन पर आपत्ति (ऐतराज़) करना चाहा। अतः एसाम ने हातिम से कहा: "ऐ अबू अब्दुल रहमान!" (यह हातिम की कुन्नियत है) "आप नमाज़ किस तरह अदा करते हैं?" हातिम रहमतुल्लाह अलैह ने उनकी ओर मुतवज्जोह होकर फ़रमाया: "जब नमाज़ का...