कुछ दुआएं लफ़्ज़ों के लिबादे (पोशाक) में नहीं आतीं
और न ही...
Ummah Post
21 March, 2025

कुछ दुआएं लफ़्ज़ों के लिबादे (पोशाक) में नहीं आतीं

और न ही अल्फ़ाज़ के पहनावे में...

बस रब के रू-ब-रू (सामने)....

सज्दों में ससकियों की नज़र की जाती हैं...!!

और फिर ...

इत्मीनान-ए-क़ल्ब (दिल का सुकून) मिल जाता है। ❣️

क्योंकि बात कातिब-ए-तक़्दीर (तक़्दीर लिखने वाले) को सुना दी गई होती है,

और वो बेहतरीन फ़ैसला साज़ (फ़ैसला करने वाला) है...!! 🤍

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राजा और सेब विक्रेता (फ़ारसी साहित्य से)
लेख

राजा और सेब विक्रेता (फ़ारसी साहित्य से)

एक दिन एक शासक (राजा) महल में बैठा हुआ था। तभी उसने महल के बाहर एक सेब बेचने वाले को आवाज़ लगाते हुए सुना: "सेब खरीदें! सेब!" शासक ने बाहर देखा कि एक ग्रामीण आदमी अपने गधे पर सेब लादे बाज़ार जा रहा है। शासक को सेब की इच्छा हुई और उसने अपने वज़ीर से कहा: "ख़ज़ाने से 5 सोने के सिक्के ले लो और मेरे...