एक मज़दूर तनख्वाह का लिफ़ाफ़ा लिए खजांची (कैशियर) के पास आया और बोला, "जनाब, इसमें पांच सौ रुपये कम हैं।"
कैशियर (خزانچی ) ने कहा, "पिछले महीने जब तुम्हारे लिफ़ाफ़े में पांच सौ रुपये ज़्यादा चले गए थे, तब तुम मेरे पास क्यों नहीं आए थे?"
मज़दूर बोला, "तब आपने पहली बार ग़लती की थी इसलिए मैंने बर्दाश्त कर लिया था। लेकिन दूसरी बार आपकी ग़लती बर्दाश्त नहीं कर सकता!" 🤣🤣🤣