इतिहास गवाह है कि आज तक कोई दर्जी एतिकाफ़ में नहीं बैठा। 🫡...
Ummah Post
1 April, 2025

इतिहास गवाह है कि आज तक कोई दर्जी एतिकाफ़ में नहीं बैठा। 🫡🫢🫣 😂😂😁😁😂🤣😂😅🤣😅😁😂

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आत्मसम्मान और संवेदनशीलता की अनजानी डोर: एक जूता पॉलिश करने वाले और दो दोस्तों की कहानी
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आत्मसम्मान और संवेदनशीलता की अनजानी डोर: एक जूता पॉलिश करने वाले और दो दोस्तों की कहानी

दफ़्तर के करीब फ़ुटपाथ पर बैठे उस बूढ़े से आते-जाते जूते पॉलिश करवाना उसका नियम था। मगर एक अजीब बात जो मैं पिछले कई दिनों से नोट कर रहा था, वह यह थी कि वह हर बार जूता पॉलिश करवाने के बाद उस बुजुर्ग से उलझता कि "पॉलिश ठीक नहीं की, इसलिए दोबारा करो।" और हैरानी की बात यह कि दोबारा पॉलिश करवाने का मुआवज...