आपका क्या खयाल है, अगर किसी इमारत (घर) पर एक हज़ार किलोग्राम...
Ummah Post
6 April, 2025

आपका क्या खयाल है, अगर किसी इमारत (घर) पर एक हज़ार किलोग्राम वज़नी बम गिरे और घर के निवासी मलबे के साथ उछलकर पचास मीटर (यानी 150 फीट) ऊपर हवा में जा पहुंचें, तो क्या किसी इंसान के ज़िंदा बच जाने की कोई संभावना पैदा हो सकती है???

दायीं तरफ वाली तस्वीर के लाल घेरे के अंदर देख लीजिए, जिसमें बिल्कुल ऐसा ही वास्तविक दृश्य है।

तो जवाब है कि अल्लाह अगर चाहे तो सब कुछ संभव है।

ग़ज़ा में स्वैच्छिक रूप से चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने पर नियुक्त मोरक्को के डॉक्टर यूसुफ अबू अब्दुल्ला ने इसी त्रासदी में चमत्कारी रूप से बच जाने वाली कुछ दिनों की एक बच्ची इनाम को उठा रखा है और उन्होंने ही यह पूरी घटना अल जज़ीरा के एक फील्ड जर्नलिस्ट को सुनाई।

सुभान अल्लाहि व बिहम्दिही, सुभान अल्लाहिल अज़ीम।

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एक ही सफ़ (कतार) में खड़े हो गए महमूद व अयाज़ (इस्लामी न्याय की मिसाल)
लेख

एक ही सफ़ (कतार) में खड़े हो गए महमूद व अयाज़ (इस्लामी न्याय की मिसाल)

इमाम अबू यूसुफ (रह.) खलीफा हारून रशीद के ज़माने में पूरे इस्लामी जगत के मुख्य न्यायाधीश (काज़ी-उल-कुज़ात) थे। एक बार उनके पास खलीफा हारून रशीद और एक ईसाई नागरिक का मुकदमा आया। इमाम ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला ईसाई के हक में सुनाया। इस तरह के सुनहरे और रोशन वाकयात इस्लामी इतिहास के प...