यह जिंदगी है...!!!
एक इम्तिहान मुसलसल (निरंतर)...!!!
कभी बेतहाशा खुशियां,
कभी ग़म की शब (रात) मुसलसल...!!!
कभी साथ हो सभी का,
कभी हो जाएं अकेले...
कभी हो उदासी पल-पल,
कभी क़हक़हे मुसलसल...!!!
कभी साथ दोस्तों का,
कभी महफिलों में रौनक...
कभी भीड़ में भी तन्हा,
कभी खामोशी मुसलसल...!!!
कभी अपनों से लड़ाई,
कभी हो जाए जुदाई...
कभी बात भी न करना,
कभी गुफ़्तगू (बातचीत) मुसलसल...!!!
कभी रब को याद करना,
तस्बीह नमाज़ पल-पल...!!!