*एक इल्मी (बौद्धिक) लतीफा 👌🏻😅*

एक वकील साहब ने एक उस्त...
Ummah Post
6 May, 2025

*एक इल्मी (बौद्धिक) लतीफा 👌🏻😅*

एक वकील साहब ने एक उस्ताद (शिक्षक) को अपना कुआँ बेच दिया। दो दिन बाद वकील साहब उस्ताद के पास आए और कहने लगे, "मास्टर साहब, मैंने आपको कुआँ बेचा है, उसका पानी नहीं! अगर पानी इस्तेमाल करेंगे तो उसके पैसे अलग से देने होंगे।"

उस्ताद मुस्कुराए और बोले, "जी बिल्कुल! मैं भी आपके पास आने ही वाला था। कहना यह था कि आप अपना पानी मेरे कुएँ से निकाल लें, नहीं तो कल से किराया भरना होगा!"

यह सुनकर वकील साहब घबरा गए और बोले, "अरे, मैं तो बस मज़ाक कर रहा था!"

उस्ताद ने हँसते हुए जवाब दिया, "वकील साहब, आप जैसे लोग हमसे ही पढ़कर वकील बनते हैं!"

शिक्षकों को सलाम! 🫡

Share this article
एक इबरतनाक जुर्म की दास्तान और मां की ममता
लेख

एक इबरतनाक जुर्म की दास्तान और मां की ममता

हज़रत मालिक बिन दीनार (अल्लाह उन पर रहम करे) फ़रमाते हैं: "मैंने अपने जीवन में 60 हज किए। एक हज के मौक़े पर मैंने मक्का मुकर्रमा में असाधारण भीड़ देखी, जहाँ लाखों लोगों का एक अज़ीम-ओ-शान मजमा (जमावड़ा) था। लाखों की इस भीड़ को देखकर अचानक मेरे दिल में यह ख़याल आया और मैंने दिल ही दिल में अल्लाह से इल...