कुत्तों की दौड़ में एक बार एक चीते को शामिल किया गया, लेकिन...
Ummah Post
7 June, 2025

कुत्तों की दौड़ में एक बार एक चीते को शामिल किया गया, लेकिन हैरानी की बात यह हुई कि जब प्रतियोगिता शुरू हुई तो चीता अपनी जगह से हिला भी नहीं, और कुत्ते अपनी पूरी कोशिश से प्रतियोगिता जीतने में लगे रहे, जबकि चीता सिर्फ देखता रहा।

जब मालिक से पूछा गया कि चीता दौड़ में शामिल क्यों नहीं हुआ, तो उसने एक दिलचस्प जवाब दिया:

"कभी-कभार खुद को बेहतरीन साबित करना दरअसल अपनी ही तौहीन (अपमान) होती है, हर जगह खुद को साबित करना ज़रूरी नहीं होता। कुछ लोगों के सामने खामोश रहना ही सबसे बेहतरीन जवाब होता है।"

"कुत्ते, कुत्तों के साथ ही दौड़ते हैं, शेर और चीते नहीं। इसलिए अगर हमें अपने आप पर यकीन हो कि हम बेहतरीन हैं, तो ज़रूरी नहीं कि हम खुद को साबित करने के लिए कुत्तों के साथ दौड़ लगाएं, बल्कि खामोशी अख्तियार करें। ऐसी कई जगहें हैं जहाँ खामोश रहना ही बेहतर होता है क्योंकि ऐसी दौड़ में शामिल होना खुद का अपमान है..."

नोट: कुत्तों से होशियार रहें ⚠️🚫

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