"रिज़्क़ (आजीविका/वरदान) सिर्फ यही नहीं कि जेब में माल (दौलत) हो, बल्कि:
आँखों की रोशनी भी रिज़्क़ है।
दिमाग में ख़याल भी रिज़्क़ है।
दिल का एहसास भी रिज़्क़ है।
रगों में खून भी रिज़्क़ है।
यह ज़िंदगी खुद एक रिज़्क़ है।"
"रिज़्क़ (आजीविका/वरदान) सिर्फ यही नहीं कि जेब में माल (दौलत) हो, बल्कि:
आँखों की रोशनी भी रिज़्क़ है।
दिमाग में ख़याल भी रिज़्क़ है।
दिल का एहसास भी रिज़्क़ है।
रगों में खून भी रिज़्क़ है।
यह ज़िंदगी खुद एक रिज़्क़ है।"